
रांची, 1 अगस्त। आदिवासी छात्र संघ की केंद्रीय समिति ने शनिवार को प्रेस क्लब रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में JPSC और JSSC परीक्षा पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। संघ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल झारखंड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के कई राज्यों में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी नियुक्ति प्रक्रियाओं में गड़बड़ियां हुईं, लेकिन उस समय इस तरह का विरोध नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए।
प्रेस वार्ता में राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी झारखंड की डोमिसाइल नीति लागू नहीं होने पर चिंता जताई गई। संघ ने 1932 के खतियान को लागू करने और सभी नियुक्ति प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति की राशि पिछले दो वर्षों से केंद्र सरकार द्वारा जारी नहीं की गई है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
रांची विश्वविद्यालय में जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई को लेकर भी संघ ने नाराजगी जताई। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नामांकन पोर्टल बंद कर जनजातीय भाषाओं को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अनुसूचित क्षेत्रों में लागू क्लस्टर प्रणाली को समाप्त कर पूर्व की भांति जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई जारी रखने की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान आदिवासी छात्र संघ ने घोषणा की कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची कॉलेज के फुटबॉल मैदान में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। संघ के अनुसार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Hemant Soren मुख्य अतिथि तथा आदिवासी कल्याण मंत्री Chamra Linda विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रेस वार्ता में डॉ. सुशील कुमार मिंज (प्रवक्ता सह केंद्रीय संयोजक), जतरू उरांव, सुरेश टोप्पो, दया राम, अमृत मुंडा, अखिलेश पाहन, सुजीत भगत, सुभाष मुंडा, सुनील सोरेन, महावीर उरांव एवं प्यारू उरांव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।





